IND vs ENG 4th Test: जब लग रहा था कि भारत सीरीज़ हारने की कगार पर है, तभी मैदान पर उतरे दो हीरो – रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर। इन्होंने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसे भारतीय क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारत ने 311 रनों से पिछड़ने के बावजूद हार नहीं मानी और मुकाबला ड्रॉ करवा लिया।
जडेजा और सुंदर की ऐतिहासिक साझेदारी
दोस्तों मैच के अंतिम दिन जब भारत का स्कोर 223 पर चार विकेट हो गया और इंग्लैंड के हाथ में जीत की खुशबू आने लगी थी, तभी मैदान पर आए जडेजा और सुंदर ने ऐसा धैर्य दिखाया कि इंग्लिश कप्तान बेन स्टोक्स तक झुंझला उठे। दोनों ने मिलकर दो सेशन से ज्यादा बल्लेबाज़ी की और नाबाद शतक जमाकर भारत को हार की कगार से निकाल लाए।

शानदार साझेदारियां और कप्तान गिल
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने 238 गेंदों पर 103 रनों की जुझारू पारी खेली और केएल राहुल ने उनका साथ निभाया 90 रन बनाकर। गिल और राहुल ने 188 रन की साझेदारी कर टीम को संभाला। लेकिन जैसे ही ये दोनों आउट हुए, इंग्लैंड को लगा कि जीत नज़दीक है। पर दोस्तों, असली कहानी तो तब शुरू हुई जब जडेजा और सुंदर क्रीज़ पर टिके।
बेन स्टोक्स की निराशा और इंग्लैंड की थकान
एक समय ऐसा भी आया जब इंग्लैंड के कप्तान स्टोक्स ने खुद मैच खत्म करने का इशारा कर दिया था, लेकिन भारत ने खेलने का फैसला किया ताकि दोनों बल्लेबाज़ अपने-अपने शतक पूरे कर सकें। यह देखकर स्टोक्स काफी नाराज़ दिखे। इंग्लैंड के खिलाड़ी हैरी ब्रुक ने जानबूझकर आसान गेंदें डालीं ताकि मैच जल्दी खत्म हो। लेकिन दोस्तों, यह जज्बा था जडेजा और सुंदर का, जिन्होंने न सिर्फ शतक पूरे किए, बल्कि टीम का आत्मविश्वास भी बचाया।
वॉशिंगटन सुंदर का पहला टेस्ट शतक
दोस्तों, खास बात ये रही कि वॉशिंगटन सुंदर ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा। उन्होंने 206 गेंदों में 101 रन बनाए, जबकि जडेजा 185 गेंदों पर 107 रन बनाकर नाबाद लौटे। इस साझेदारी ने 2021 सिडनी टेस्ट में अश्विन और विहारी की यादें ताज़ा कर दीं।
पिच की भूमिका और इंग्लैंड की रणनीति की चूक
ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पांचवे दिन ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं रही, लेकिन सुबह के सत्र में थोड़ा मूवमेंट जरूर था जिससे गिल और राहुल आउट हुए। लेकिन दोपहर और शाम के सत्र में इंग्लैंड के गेंदबाज़ जूझते नज़र आए। दोस्तों, स्पिनर लियाम डॉसन और आर्चर भी असर नहीं छोड़ सके और भारत ने इसका फायदा उठाया।
अब सबकी निगाहें पांचवें टेस्ट पर
दोस्तों अब सीरीज़ 2-2 की बराबरी पर है और आखिरी मुकाबला 31 जुलाई से द ओवल में खेला जाएगा। तेज गेंदबाज़ों की चोट से जूझ रही दोनों टीमों के लिए यह निर्णायक मुकाबला बेहद अहम होगा।
FAQ (IND vs ENG 4th Test)
प्रश्न: चौथे टेस्ट में भारत की जीत क्यों नहीं हो सकी?
उत्तर: भारत की पहली पारी में खराब प्रदर्शन के कारण इंग्लैंड को 311 रन की बढ़त मिल गई थी, जिससे जीत की उम्मीद काफी कम थी। इसलिए मैच बचाना ही लक्ष्य था।
प्रश्न: जडेजा और सुंदर की साझेदारी कितनी अहम थी?
उत्तर: यह साझेदारी निर्णायक रही। दोनों ने शतक बनाकर इंग्लैंड की जीत की उम्मीद तोड़ी और भारत को मैच ड्रॉ करवा कर सीरीज़ में बनाए रखा।
प्रश्न: क्या ऋषभ पंत बल्लेबाज़ी के लिए उपलब्ध थे?
उत्तर: जी हां, वह चोट के बावजूद बैटिंग के लिए तैयार थे, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी।
प्रश्न: इस टेस्ट ड्रॉ का इंग्लैंड के लिए क्या मतलब है?
उत्तर: यह ‘बज़बॉल’ युग में इंग्लैंड का केवल दूसरा ड्रॉ था, जो उन्हें निराश करेगा क्योंकि वे सीरीज़ अपने नाम कर सकते थे।
एक बार फिर भारतीय टीम ने दिखा दिया कि जब ज़िम्मेदारी और हौसले का मेल होता है, तब नामुमकिन कुछ नहीं। अब देखना दिलचस्प होगा कि ओवल में कौन सी टीम इतिहास रचती है। जुड़े रहिए ऐसे ही रोमांचक अपडेट्स के लिए।







