Richa Ghosh: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच हुए महिला वर्ल्ड कप 2025 के मुकाबले में Richa Ghosh ने ऐसा करिश्मा कर दिखाया, जो क्रिकेट इतिहास में आज तक किसी ने नहीं किया था। इस लेख में हम बताएंगे कि ऋचा घोष ने कैसे नंबर 8 पर खेलते हुए 94 रन बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया, भारत की पारी को संभाला और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। यह मैच विशाखापट्टनम में खेला गया, जहां भारतीय टीम ने 102/6 से शानदार वापसी करते हुए 251 रन बनाए।
Richa Ghosh की ऐतिहासिक पारी जिसने बदल दी मैच की दिशा
22 साल की Richa Ghosh जब बल्लेबाजी करने आईं, तब भारत मुश्किल स्थिति में था। 102 पर छह विकेट गिर चुके थे और टीम संकट में थी। लेकिन ऋचा ने अपनी दमदार बल्लेबाजी से सब कुछ बदल दिया। उन्होंने 77 गेंदों में 94 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 4 छक्के शामिल थे।
उनकी यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि एक ऐसा बयान थी जो बताती है कि आत्मविश्वास और धैर्य से कोई भी असंभव को संभव बना सकता है। ऋचा की यह पारी अब महिला वनडे क्रिकेट इतिहास में दर्ज हो गई है।

विश्व रिकॉर्ड
Richa Ghosh अब पहली ऐसी महिला क्रिकेटर बन गई हैं जिन्होंने नंबर 8 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए 80 से ज्यादा रन बनाए। इससे पहले यह रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका की क्लोए ट्रायॉन के नाम था, जिन्होंने 2025 में श्रीलंका के खिलाफ 74 रन बनाए थे।
इसके अलावा, ऋचा घोष भारत की सबसे तेज 1,000 रन पूरे करने वाली महिला बल्लेबाज बन गईं। उन्होंने सिर्फ 1,010 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया, जो मेग लैनिंग और एलिसा हीली जैसी दिग्गजों से भी तेज है।
भारतीय टीम की शानदार वापसी
भारतीय टीम की शुरुआत तो अच्छी रही, जब ओपनर प्रतिका रावल (37) और स्मृति मंधाना (23) ने पहले 10 ओवर में 55 रन जोड़े। लेकिन उसके बाद मंधाना और हरलीन कौर के आउट होते ही भारत की बल्लेबाजी बिखर गई।
टीम सिर्फ 102 रन पर छह विकेट गंवा चुकी थी। तभी ऋचा घोष और अमनजोत कौर (13) ने 51 रनों की साझेदारी की और टीम को 150 के पार पहुंचाया। इसके बाद ऋचा घोष ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों की धुनाई कर दी और भारत को 251 तक पहुंचाया।
35*(20) vs Pak
— भाई साहब (@Bhai_saheb) October 9, 2025
94 today
Richa ghosh played the best inning by any Indian player in WC #INDWvSAW #Indvsa pic.twitter.com/CHXbnjQy9Y
ऋचा घोष और स्नेह राणा की साझेदारी बनी मिसाल
ऋचा घोष और स्नेह राणा ने आठवें विकेट के लिए 88 रनों की साझेदारी की। यह महिला वनडे वर्ल्ड कप इतिहास में आठवें विकेट के लिए संयुक्त रूप से तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है।
दोनों बल्लेबाजों ने मैदान पर ऐसी परिपक्वता दिखाई जिसने भारत की पारी को फिर से खड़ा कर दिया। ऋचा घोष को 76 और 84 के स्कोर पर जीवनदान मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया।
ऋचा घोष की पारी बनी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा
ऋचा घोष की यह पारी सिर्फ क्रिकेट की कहानी नहीं, बल्कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने यह साबित किया कि स्थिति चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो, अगर हिम्मत न हारो तो जीत तय है।
उनकी बल्लेबाजी ने दर्शकों के दिल जीत लिए और पूरे भारत में गर्व की भावना जगाई। आज ऋचा घोष सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की प्रेरणा बन गई हैं।
मैच की झलक
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 251 रन बनाए। साउथ अफ्रीका की ओर से नोकू मलाबा और क्लोए ट्रायॉन ने शानदार गेंदबाजी की। लेकिन ऋचा घोष की 94 रनों की पारी ने पूरे मैच की तस्वीर बदल दी।







