Dream11 Supreme Court Decision: देशभर के करोड़ों ड्रीम 11, My11Circle और MPL यूज़र्स के लिए यह खबर किसी त्योहार से कम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार फैंटेसी गेमिंग ऐप्स को लेकर वह फैसला दे दिया है, जिसका सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। कोर्ट ने मनी कॉन्टेस्ट पर हरी झंडी दिखा दी है, जिससे एक बार फिर गेमर्स और यूज़र्स के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।
इस लेख में हम जानेंगे कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या है, मनी कॉन्टेस्ट क्यों रुके थे, सुनवाई कब शुरू होगी, और आगे क्या उम्मीद की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, गेमर्स में खुशी की लहर
लंबे समय से Dream11, My11Circle और MPL जैसे प्लेटफॉर्म्स के यूज़र्स यह सवाल पूछ रहे थे कि मनी कॉन्टेस्ट कब शुरू होंगे? आखिरकार उनका इंतजार खत्म हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने इन ऐप्स को लेकर बड़ा फैसला देते हुए फैंटेसी गेमिंग इंडस्ट्री को राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि दिवाली की छुट्टियों के बाद इस मामले पर 4 नवंबर से सुनवाई शुरू होगी। यह खबर आते ही सोशल मीडिया पर खुशी की लहर दौड़ गई और लाखों गेमर्स ने राहत की सांस ली।

क्यों रुके थे Dream11 और My11Circle के मनी कॉन्टेस्ट?
पिछले कुछ महीनों से कई राज्यों में फैंटेसी गेमिंग ऐप्स पर टैक्स और कानूनी विवाद चल रहे थे। स्पोर्ट्स बिल और बढ़े हुए GST टैक्स की वजह से इन कंपनियों को बड़ा झटका लगा था। नतीजतन, Dream11 और अन्य ऐप्स ने अपने मनी कॉन्टेस्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिए थे। यूज़र्स को ₹49 जैसे एंट्री चार्जेज को लेकर भी शिकायतें थीं। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के नए रुख से उम्मीद जगी है कि कम फीस या नए नियमों के तहत मनी कॉन्टेस्ट दोबारा शुरू किए जा सकते हैं।
दिवाली के बाद 4 नवंबर को होगी अहम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की पहली सुनवाई के लिए 4 नवंबर 2025 की तारीख तय की है। दिवाली की छुट्टियों के बाद कोर्ट इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुनवाई फैंटेसी गेमिंग इंडस्ट्री के भविष्य को तय करने वाली साबित हो सकती है। अगर कोर्ट ने इन कंपनियों के पक्ष में फैसला दिया, तो लाखों लोगों की नौकरियां और इंडस्ट्री का बिजनेस फिर से पटरी पर आ सकता है।
गेमर्स की उम्मीदें बढ़ीं, यूज़र्स में उत्साह
Dream11 और My11Circle के लाखों यूज़र्स इस फैसले से बेहद खुश हैं। कई यूज़र्स ने ट्विटर, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर अपने रिएक्शन शेयर करते हुए कहा कि “अब फिर से गेम खेलने और जीतने का मज़ा आएगा।” लोगों को उम्मीद है कि कोर्ट टैक्स सिस्टम में बदलाव करते हुए ऐसा संतुलित फैसला देगा, जिससे कंपनियों को राहत और यूज़र्स को फायदा मिल सके।
Good News….#DREAM11 Is Not Banned in India…
— bhila patil (@bhilapatil3) August 22, 2025
Decision is made now made In Supreme Court…. pic.twitter.com/jbNz6wCTPX
कंपनियों की दलील
ड्रीम 11 जैसी कंपनियों ने कोर्ट में यह दलील दी है कि उनका गेम कौशल (Skill) पर आधारित है, न कि जुआ (Gambling) पर।
यूज़र्स टीम बनाते हैं, खिलाड़ियों के परफॉर्मेंस का विश्लेषण करते हैं और रणनीति से जीत हासिल करते हैं। इसलिए इसे मनोरंजन और कौशल आधारित गतिविधि माना जाना चाहिए। अगर कोर्ट इस दलील से सहमत होता है, तो भारत में फैंटेसी गेमिंग को एक कानूनी और सुरक्षित प्लेटफॉर्म के रूप में पहचान मिल सकती है।
नए नियमों के तहत हो सकता है बड़ा बदलाव
कानूनी विशेषज्ञों का अनुमान है कि सुप्रीम कोर्ट कुछ संशोधन या लिमिटेशन के साथ मनी कॉन्टेस्ट को फिर से शुरू करने की अनुमति दे सकता है। जैसे – एंट्री फीस पर सीमा तय करना, टैक्स को थोड़ा कम करना या इनाम राशि पर कैप लगाना।
इससे एक संतुलन बनेगा यूज़र्स के लिए सुरक्षित माहौल और कंपनियों के लिए स्थिर बिजनेस।
आगे क्या उम्मीद की जा सकती है?
अगर सुप्रीम कोर्ट ड्रीम 11 और अन्य ऐप्स के पक्ष में फैसला देता है, तो यह पूरी इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक फैसला साबित होगा। यह फैसला न सिर्फ करोड़ों गेमर्स की उम्मीदों को नई उड़ान देगा, बल्कि भारत में फैंटेसी स्पोर्ट्स मार्केट को भी कानूनी मजबूती प्रदान करेगा। अब सबकी निगाहें 4 नवंबर की सुनवाई पर टिकी हैं।
FAQs
प्रश्न 1: क्या ड्रीम 11 पर मनी कॉन्टेस्ट अब शुरू हो जाएंगे?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट ने मनी कॉन्टेस्ट पर हरी झंडी दी है, लेकिन वास्तविक शुरुआत 4 नवंबर की सुनवाई के बाद तय होगी।
प्रश्न 2: क्या अब ₹49 एंट्री फीस देनी होगी?
उत्तर: संभावना है कि नए नियमों के तहत फीस और टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाए। कोर्ट के फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रश्न 3: क्या फैंटेसी गेमिंग को जुआ माना जाएगा?
उत्तर: नहीं, ड्रीम 11 जैसी कंपनियों का कहना है कि यह स्किल बेस्ड गेम है, न कि जुआ।
प्रश्न 4: सुनवाई कब होगी?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 4 नवंबर 2025 से शुरू करेगा।













