India vs Pakistan Asia Cup 2025 Boycott: एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले से पहले भारतीय ड्रेसिंग रूम में तनाव की लहर साफ महसूस की जा रही है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि किस तरह बॉयकॉट की चर्चाओं ने टीम इंडिया के माहौल को प्रभावित किया, कोच गौतम गंभीर और असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने खिलाड़ियों को क्या संदेश दिया और क्यों यह मैच सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि एक जंग जैसा माहौल बना रहा है।
बॉयकॉट की हवा और भारतीय ड्रेसिंग रूम
भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले सोशल मीडिया और जनता के बीच बॉयकॉट की आवाजें तेज हो गई थीं। यही माहौल भारतीय ड्रेसिंग रूम तक भी पहुंचा। खिलाड़ियों ने कोचिंग स्टाफ के साथ लंबी बातचीत की। सवाल सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहे बल्कि सीमाओं के पार की घटनाओं और जनभावनाओं से भी जुड़े थे।

रयान टेन डोशेट की साफ चेतावनी
टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने स्वीकार किया कि खिलाड़ी जनता की भावनाओं को महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मैच नहीं है बल्कि देश की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। टीम ने हडल में बैठकर इस पर चर्चा भी की और फैसला लिया कि मैदान पर केवल प्रोफेशनल होकर खेलना है।
read also: IPL 2026 Latest Updates: नटराजन पर तीन टीमों की नजर, रैना का कोचिंग रोल और गुजरात का मेगा प्लान
गंभीर का संदेश: भावनाओं से ऊपर क्रिकेट
हेड कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों को साफ संदेश दिया कि मैदान पर सिर्फ खेल पर ध्यान देना है। उन्होंने कहा कि राजनीति और बाहरी माहौल पर सोचने की जरूरत नहीं, बल्कि इस मुकाबले को किसी भी बड़े मैच की तरह खेलना है। गंभीर का मानना है कि जितनी कम भावनाएं शामिल होंगी, उतना बेहतर प्रदर्शन होगा।
खिलाड़ी और सोशल मीडिया का दबाव
भारतीय टीम में कई युवा खिलाड़ी शामिल हैं जो सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहते हैं। नेट सेशन खत्म होने के बाद वे तुरंत फोन उठाते हैं और लोगों की राय पढ़ते हैं। ऐसे में उनके लिए बॉयकॉट की चर्चाओं से खुद को अलग करना आसान नहीं है। लेकिन टीम प्रबंधन का निर्देश है कि खिलाड़ी केवल अपने खेल पर फोकस करें।
भारत-पाकिस्तान मैच का अलग मायना
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच हमेशा से केवल एक खेल नहीं रहा। यह जंग से कम नहीं होता। टेन डोशेट ने भी माना कि पहली बार उन्हें महसूस हुआ कि यह मुकाबला गेंद-बल्ले से पहले ही शुरू हो जाता है। खिलाड़ियों के चेहरे और उनकी चुप्पी बता रही थी कि इस मैच का दबाव कितना गहरा है।
There should be NO India–Pakistan match in Asia Cup.
— Vijay Gautam 🚩 (@Vijay_Gautamm) September 13, 2025
Just days ago, innocent Indians were martyred… yet those who talk of “nation first” are silent now.
Is cricket & money more important than the blood of our people? 🤔#BoycottINDvPAK pic.twitter.com/jIrwnHVGg4
तैयारी और रणनीति
कोचिंग स्टाफ ने साफ कर दिया है कि इस मैच की तैयारी किसी और बड़े मैच जैसी ही रखी जाएगी। पाकिस्तान की टीम पिछले दो साल में अपने खेल को बदलने की कोशिश कर रही है और भारत चाहता है कि अपनी ताकत के दम पर उन्हें मात दी जाए। गंभीर और डोशेट दोनों का संदेश है कि टीम सिर्फ अपनी रणनीति पर ध्यान दे।
क्रिकेट और राजनीति का टकराव
भारतीय कोचिंग स्टाफ मानता है कि खेल और राजनीति को अलग रखना जरूरी है, लेकिन जनता की भावनाएं खिलाड़ियों तक पहुंचती हैं। यही कारण है कि ड्रेसिंग रूम का माहौल इस बार और भी संवेदनशील है। फिर भी संदेश यही है कि मैदान पर केवल बल्ला और गेंद बोले।
नतीजा चाहे जो हो, राइवलरी हुई तेज
इस मुकाबले का परिणाम चाहे जो भी हो, इतना तय है कि भारत-पाकिस्तान की क्रिकेट राइवलरी फिर से जाग उठी है। क्रिकेट एक मंच बन चुका है लेकिन नाटक सिर्फ खेल का नहीं बल्कि दो देशों की भावनाओं का भी है।
FAQs
प्रश्न 1: भारत-पाकिस्तान मैच से पहले ड्रेसिंग रूम में क्या स्थिति है?
ड्रेसिंग रूम में बॉयकॉट की चर्चाओं और जनता की भावनाओं का दबाव महसूस किया जा रहा है।
प्रश्न 2: गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों को क्या संदेश दिया?
उन्होंने कहा कि भावनाओं से ऊपर उठकर प्रोफेशनल रहना है और केवल क्रिकेट पर ध्यान देना है।
प्रश्न 3: असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट का क्या कहना है?
उन्होंने माना कि खिलाड़ी जनता की भावनाओं को महसूस करते हैं, लेकिन मैदान पर फोकस बनाए रखेंगे।
प्रश्न 4: भारत-पाकिस्तान मुकाबले का महत्व क्यों अलग है?
यह मैच सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि दोनों देशों की भावनाओं और गर्व का प्रतीक माना जाता है।
read also: नया Online Gaming Bill 2025 आया, क्या Dream11 फिर से शुरू होगा? – जानें किन गेम्स पर है रोक













